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नमस्ते प्रिय दोस्तों आपने यह देखा या सुना होगा कि कई लोगों के घरों में पूजा पाठ करने के बाद भी घर में बरकत नहीं हो रही है यह एक बहुत ही सामान्य समस्या है आपने बहुत से लोगों को यह कहते हुए सुना होगा मैं तो इतनी पूजा पाठ करता हूं लेकिन उसका पूर्ण फल मुझे नहीं मिलता है यह बात सुनकर हमें दुख होता है असल में जाने अनजाने में कुछ लोग पूजा के दौरान कई तरह की गंभीर गलतियां कर बैठते हैं जिसकी वजह से उन्हें पूजा का पु फल नहीं मिल पाता और पूजा अधूरी रह जाती है यह बहुत ही दुखद है चलिए जानते हैं कि घर और मंदिर में पूजा


00:00:38 करने का सही तरीका क्या है लेकिन उससे पहले अगर आप भी चाहते हैं कि लक्ष्मी माता का आशीर्वाद हमेशा आपके साथ रहे तो इस वीडियो को एक लाइक करें और चैनल को सब्सक्राइब करें और कमेंट बॉक्स में जय लक्ष्मी माता जरूर लिखें नंबर एक आपके मंदिर या पूजा घर में कभी भी नग्न मूर्तियां ना रखें देवी देवताओं को वस्त्र पहनाएं आजकल बाजार में देवी देवताओं के वस्त्र उपलब्ध होते हैं आप चाहे तो बाजार से ले सकते हैं हमेशा देवता की पसंद के अनुसार या फिर शुभता को ध्यान में रखते हुए ही वस्त्र धारण करवाना चाहिए सूर्य गणेश दुर्गा शिव और विष्णु यह पंचदेव


00:01:22 कहलाते हैं इनकी पूजा सभी कार्यों में अनिवार्य रूप से की जाती है प्रतिदिन पूजा करते समय इन पांच देवों का ध्यान अवश्य करना चाहिए इससे माता लक्ष्मी की कृपा और समृद्धि प्राप्त होती है नंबर दो आप चाहे किसी भी देवी देवता का पूजन कर रहे हो लेकिन सर्वप्रथम हमेशा भगवान गणेश को ही प्रणाम किया जाता है किसी भी हवन या शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश को प्रणाम करके ही की जाती है ऐसा कहा जाता है कि भगवान गणेश को प्रणाम किए बिना पूजा करने से उसके फल की प्राप्ति नहीं होती है क्योंकि गणेश जी विघ्नहर्ता है और वे ही


00:01:59 हमारे सभी कार्यों में सलता दिलाते हैं नंबर तीन बिना सिर ढके पूजा नहीं करनी चाहिए माना जाता है कि बिना सिर ढके पूजा करने से उसका पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता पूजा के दौरान सिर को ढके रखना भगवान के प्रति श्रद्धा भाव को दर्शाता है इसके धार्मिक कारणों के साथ-साथ वैज्ञानिक कारण भी बताए गए हैं इसलिए चाहे स्त्री हो या पुरुष पूजा के दौरान सिर अवश्य ढक कभी भी भगवान को एक हाथ से प्रणाम नहीं करना चाहिए हमेशा पूरी तरह से झुककर दोनों हाथों से प्रणाम करना चाहिए ऐसा करने से हमारा मन एकाग्र होता है और हमारी पूजा


00:02:37 अधिक प्रभावी होती है नंबर चार अक्सर लोग पूजा करते समय केवल धूप जलाते हैं लेकिन यह उचित नहीं है किसी भी देवी देवता की पूजा से पहले दीपक जलाना अनिवार्य माना गया है ऐसी मान्यता है कि दीपक भगवान के प्रति हमारी भक्ति भाव और हमारे द्वारा चढ़ाए गए प्रसाद धूप और अन्य कार्यों का साक्षी होता है अगर आप पूजा करने से पहले दीपक नहीं जलाते हैं तो भगवान तक आपकी प्रार्थना कभी नहीं पहुंचती है दीपक जलाने से ना केवल हमारा वातावरण पवित्र होता है बल्कि हमारे मन में भी एक शांति का अनुभव होता है नंबर पांच किसी भी देवी देवता या


00:03:18 भगवान का पूजन करने से पहले स्नान किया जाता है स्नान के पश्चात शांत मन से भगवान के सामने आसन पर बैठा जाता है पूजा कभी भी खड़े होकर नहीं करनी चाहिए और नहीं खाली फर्श पर बैठकर पूजा करनी चाहिए कुछ लोग पूजा करते समय जमीन पर ही बैठ जाते हैं जो कि बिल्कुल गलत है जिस तरह से आपने भगवान को बैठने के लिए आसन दिया है ठीक उसी प्रकार स्वयं भी आसन पर ही बैठे शास्त्रों में कंबल और ऊन के आसनों को पूजा के लिए शुभ माना गया है आसन पर बैठने से हमारा शरीर स्थिर रहता है और हम ध्यान केंद्रित कर पाते हैं नंबर छह जब भी आप पूजा करने


00:03:58 किसी मंदिर में जाते हैं तो आपको मंदिर में जो प्रसाद मिलता है उसे वहीं पर ग्रहण करना चाहिए भले ही आप प्रसाद का थोड़ा सा हिस्सा ही मंदिर में क्यों न खाएं बाकी हिस्सा घर ले जाने के लिए रख सकते हैं यह ईश्वर के प्रति आपकी श्रद्धा का प्रतीक है जब भी आप मंदिर जाते हैं तो एक बार घंटा अवश्य बजाएं ऐसा माना जाता है कि घंटा बजाने से आपका संदेश सीधे ईश्वर तक पहुंचता है घर में पूजा करने के बाद शंख या घंटी बजाना भी महत्त्वपूर्ण माना जाता है इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है घंटे की ध्वनि नकारात्मक ऊर्जा को दूर


00:04:36 भगातील करती है नंबर सात अगर आप किसी विशेष प्रयोजन के लिए कोई पूजा या अनुष्ठान कर रहे हैं तो संकल्प को पूरा करने में ज्यादा समय नहीं लगाना चाहिए यदि आपने किसी को दान करने का संकल्प लिया है तो उसे जितनी जल्दी हो सके पूरा करें संकल्प को पूरा करने में देरी से पूजा या अनुष्ठान का पूरा लाभ नहीं मिल पाता संकल्प एक तरह का वादा होता है जिसे निभाना चाहिए नंबर आठ हर रोज लक्ष्मी स्तोत्र या कनकधारा स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए इसे धन प्राप्ति और धन संचय के लिए विशेष रूप से फलदाई माना गया है यह एक चमत्कारी स्तोत्र है जिसके पाठ से माता


00:05:17 लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है इस स्तोत्र की खासियत यह है कि यह किसी भी विशेष माला या पूजा पाठ की मांग नहीं करता पूजा अर्चना करने के बाद आप इसका पाठ कर सकते हैं इस वर्ष हर रोज लक्ष्मी स्तोत्र या कनकधारा स्तोत्र का पाठ अवश्य करें जिससे आपकी उन्नति होगी और धन की बचत भी होगी यह स्तोत्र हमारे मन को सकारात्मक बनाता है और हमें धन के प्रति आकर्षित करता है नंबर नौ हमेशा ध्यान रखें कि दीपक से दीपक नहीं जलाना चाहिए शास्त्रों के अनुसार जो भी व्यक्ति दीपक से दीपक जलाता है उसे स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना


00:05:56 पड़ सकता है नहाने से पहले भगवान को चढ़ाने के लिए फूल तोड़ लेना चाहिए नहाने के बाद फूल तोड़ना इसे स्वयं को चढ़ाया हुआ माना जाता है जैसा कि शास्त्रों में कहा गया है कि पूजा पाठ करते समय या किसी भी समय दीपक शंख भगवान की मूर्तियां तस्वीरें सोने के आभूषण और शालिग्राम को कभी भी सीधे जमीन या फर्श पर नहीं रखना चाहिए यह सब चीजें पवित्र होती हैं और इन्हें सम्मान के साथ रखना चाहिए नंबर 10 घर या मंदिर में पूजा के समय भगवान की आरती करते सम भगवान विष्णु के सामने 12 बार सूर्य देव के सामने सात बार देवी दुर्गा के सामने नौ


00:06:36 बार शंकर भगवान के सामने 11 बार और गणेश जी के सामने चार बार आरती घुमानी चाहिए इससे पूजा पाठ का सकारात्मक फल मिलता है किसी भी मंत्र का जाप करने के बाद आसन के नीचे की भूमि को स्पर्श करके उसे नेत्रों से लगाना चाहिए इससे मंत्र जाप का पूर्ण फल प्राप्त होता है यह एक प्राचीन परंपरा है जो हमारे मन को शांत करती है और हमें आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है नंबर 11 अगर आप पूजा करने के लिए मंदिर जा रहे हैं तो आपको हमेशा घर से जल लेकर जाना चाहिए कभी भी मंदिर में रखे जल से ईश्वर को जल अभिषेक नहीं करना चाहिए जब आप जल चढ़ाकर


00:07:15 मंदिर से वापस आएं तो ध्यान रखें कि जल का लोटा खाली ना हो यदि आप जल भरकर मंदिर से वापस लौटते हैं तो इससे शुभ फलों की प्राप्ति होती है घर से लाया हुआ जल शुद्ध माना जाता है और यह हमारे घर की सकार त्मक ऊर्जा को ले जाता है नंबर 12 पूजा का स्थान घर के फर्श से थोड़ा ऊंचा होना चाहिए क्योंकि भगवान अतुल्य और श्रेष्ठ है इसलिए आप अपनी बराबरी में उनकी पूजा नहीं कर सकते पूजा के लिए भगवान को किसी चौकी पर या फर्श से ऊंचे स्थान पर स्थापित करें इसके अलावा पूजा घर में देवी देवताओं की मूर्तियों को कभी भी दीवार से सटाकर नहीं


00:07:54 रखना चाहिए पूजा करते समय आपका मुख उत्तर या पूर्व की दिशा में होना चाहिए घर या किसी भी मंदिर में पूजा संपन्न करने के बाद भगवान से अपनी भूल के लिए क्षमा याचना अवश्य करें इससे परमात्मा आपके द्वारा की गई गलती को क्षमा करते हैं और आशीर्वाद प्रदान करते हैं यह हमारी विनम्रता और भगवान के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है नंबर 13 वास्तु शस्त्र के अनुसार खाना खाते समय पढ़ाई या अन्य काम करना अशुभ माना जाता है इस साल आपको इस आदत से बचना चाहिए यह आदत आपके धन के साथ-साथ आपकी सेहत के लिए भी हानिकारक साबित हो सकती है खाना खाते ही पाचन


00:08:35 क्रिया शुरू हो जाती है अगर आप खाते समय पढ़ाई या कोई अन्य काम करते हैं तो इसका असर आपकी पाचन शक्ति पर पड़ता है जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं इसलिए इस आदत से बचना चाहिए खाना खाते समय केवल खाने पर ध्यान देना चाहिए नंबर 14 अगर आप सूर्यास्त के बाद रात के समय पूजा करते हैं तो इस समय ना तो शंख बजाना चाहिए और ना ही घंटी बजानी चाहिए ऐसा माना जाता है कि सूर्यास्त के बाद देवी देवता शयन के लिए चले जाते हैं और उन्हें जगाना उचित नहीं होता इसलिए सूर्यास्त के बाद घंटी और शंख बजाने से बचे यह उनके विश्राम में बाधा डालता है


00:09:17 नंबर 15 पूजा घर हमेशा घर के उत्तर पूर्व दिशा में ही होना चाहिए पूजा घर में किसी एक देवी देवता की मूर्ति एक से ज्यादा नहीं होनी चाहिए घर के मंदिर में भगवान की मूर्ति 9 इंच या 22 सेंटीमीटर से छोटी होनी चाहिए इससे बड़ी प्रतिमा घर में रखना शुभ नहीं माना जाता बड़ी प्रतिमा को मंदिर में रखना चाहिए अपने बेडरूम में कभी भी पूजा घर स्थापित ना करें और रात्रि के समय अपने पूजा घर को पर्दे से ढक कर रखें पूजा घर में काम में आने वाली सभी चीजें जैसे शंख घंटी प्रसाद के बर्तन दीपक शिवलिंग और भगवान शालिग्राम को साफ सुथरे कपड़े पर


00:09:56 रखें ऐसा ना करने पर हर रोज पूजा पाठ करने के बाद भी आपको उचित फल नहीं मिल पाता है यह सब चीजें पवित्र होती हैं और इन्हें साफ सुथरा रखना चाहिए नंबर 16 सभी हिंदू घरों में पूजा पाठ या अन्य धार्मिक कार्यों के लिए गंगाजल रखा जाता है लेकिन क्या आपको पता है कि गंगाजल को प्लास्टिक की बोतल में या किसी अपवित्र धातु के बर्तन जैसे कि एलुमिनियम और लोहे के बर्तन में नहीं रखना चाहिए गंगाजल को तांबे के बर्तन में रखना शुभ माना जाता है तांबा एक पवित्र धातु है और यह गंगाजल की पवित्रता को बनाए रखता है प्रिय दोस्तों अगर आपको


00:10:35 हमारी यह जानकारी अच्छी लगी हो तो वीडियो को एक लाइक जरूर करें और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें ताकि आपको हमारे नए वीडियो की नोटिफिकेशन मिलती रहे वीडियो देखने के लिए आपका धन्यवाद जय श्री राम जय बजरंग बली


HIMANSHU

मेरा नाम हिमांशु है और में इस वेबसाइट का लेखक और एडिटर हु| मेरा हमेशा यही कोशिश रहेगा की आपको इस वेबसाइट पर जो भी लेख मिले वो पूरी तरह से सही हो और आपको आपके सवालो के सभी जवाब सरल भाषा में मिले|

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